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विज्ञान और प्रौद्योगिकी करंट अफेयर्स 27 अप्रैल 2026 | इसरो और क्वांटम

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन: भारत ने स्वदेशी 100-क्विबिट प्रोसेसर विकसित किया
2026-04-27
पृष्ठभूमि: भारत सरकार द्वारा एक मजबूत क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने और तकनीकी आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) शुरू किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 26 अप्रैल, 2026 को, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने TIFR सुविधा में भारत के पहले स्वदेशी 100-क्विबिट सुपरकंडक्टिंग क्वांटम प्रोसेसर के सफल परीक्षण की पुष्टि की। यह सफलता कोहेरेंस टाइम और गेट फिडेलिटी में काफी सुधार करती है। प्रभाव: यह उपलब्धि सुरक्षित क्वांटम संचार, दवा खोज और जटिल वित्तीय मॉडलिंग में भारत की क्षमताओं को गति देती है। यह विदेशी क्वांटम हार्डवेयर पर निर्भरता कम करता है और भारत को बड़े पैमाने पर क्वांटम कंप्यूटिंग शक्ति रखने वाले देशों के विशिष्ट समूह में शामिल करता है।
डीप ओशन मिशन: मत्स्य 6000 ने 2,000 मीटर समुद्री परीक्षण पूरा किया
2026-04-27
पृष्ठभूमि: डीप ओशन मिशन पॉलीमेटेलिक नोड्यूल्स और हाइड्रोथर्मल वेंट्स के लिए मध्य हिंद महासागर का पता लगाने की भारत की प्रमुख पहल है। वर्तमान संदर्भ: 27 अप्रैल, 2026 को, राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (NIOT) ने 'मत्स्य 6000' सबमर्सिबल के लिए 2,000 मीटर गहरे समुद्र का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह अंतिम 6,000 मीटर मानवयुक्त मिशन का अग्रदूत है। प्रभाव: सफल परीक्षण निकेल और कोबाल्ट जैसी दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के स्थायी निष्कर्षण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यह गहरे समुद्र के संसाधनों में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ाता है और दीर्घकालिक आर्थिक विकास और संसाधन सुरक्षा के लिए 'ब्लू इकोनॉमी' ढांचे का समर्थन करता है।
भारत-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास 'धर्म गार्जियन 2026' संपन्न
2026-04-27
पृष्ठभूमि: भारत और जापान रक्षा सहयोग तथा अंतरसंचालनीयता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं। 'धर्म गार्जियन' श्रृंखला आतंकवाद विरोधी अभियानों और शहरी युद्ध परिदृश्यों पर केंद्रित है। वर्तमान संदर्भ: संयुक्त सैन्य अभ्यास 'धर्म गार्जियन 2026' का 7वां संस्करण 26 अप्रैल, 2026 को राजस्थान, भारत में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोनों सेनाओं के सैनिकों ने सामरिक अभ्यास, विशेष हेलीबोर्न संचालन और खुफिया जानकारी साझा करने सहित गहन प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रभाव: यह अभ्यास भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करता है, आपसी समझ को बढ़ावा देता है और संयुक्त परिचालन क्षमताओं को परिष्कृत करता है। यह जटिल सुरक्षा चुनौतियों के लिए सेनाओं को तैयार करके क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता में भी योगदान देता है।
डीआरडीओ ने 'प्रहरी' अगली पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
2026-04-27
पृष्ठभूमि: भारत रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, जिसमें डीआरडीओ उन्नत हथियार प्रणालियों के विकास में सबसे आगे है। एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (एटीजीएम) आधुनिक जमीनी युद्ध के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 25 अप्रैल, 2026 को एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से 'प्रहरी', एक अगली पीढ़ी की स्वदेशी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया। मिसाइल ने उच्च सटीकता का प्रदर्शन किया और लक्ष्य को सटीकता से भेदा। प्रभाव: यह सफल परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जिससे महत्वपूर्ण हथियारों के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी। 'प्रहरी' बख्तरबंद खतरों के खिलाफ भारतीय सेना की आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाएगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी।
बीएसएफ ने पश्चिमी सीमा पर उन्नत ड्रोन निगरानी प्रणाली तैनात की
2026-04-27
पृष्ठभूमि: भारत के लिए सीमा सुरक्षा एक सर्वोपरि चिंता बनी हुई है, खासकर इसकी पश्चिमी सीमाओं पर, जो घुसपैठ और तस्करी के प्रयासों के प्रति संवेदनशील हैं। विशाल और चुनौतीपूर्ण इलाकों में पारंपरिक निगरानी विधियों की अक्सर सीमाएँ होती हैं। वर्तमान संदर्भ: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 27 अप्रैल, 2026 तक पश्चिमी सीमा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नत ड्रोन निगरानी प्रणालियों की पूर्ण परिचालन तैनाती की घोषणा की है। ये अत्याधुनिक ड्रोन उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों, थर्मल इमेजिंग और वास्तविक समय के खतरे का पता लगाने के लिए एआई-संचालित विश्लेषण से लैस हैं। प्रभाव: यह तैनाती वास्तविक समय की निगरानी, ​​खुफिया जानकारी जुटाने और सीमा पार गतिविधियों पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए बीएसएफ की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाती है। यह एक बल गुणक के रूप में कार्य करेगा, अवैध घुसपैठ को रोकेगा और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में समग्र सुरक्षा स्थिति को मजबूत करेगा।
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में चीतों का सफल प्रजनन
2026-04-27
पृष्ठभूमि: 2022 में शुरू किए गए 'प्रोजेक्ट चीता' का उद्देश्य भारत में इस प्रजाति को पुनर्जीवित करना था। कूनो नेशनल पार्क में घनत्व की समस्याओं को कम करने के लिए मध्य प्रदेश के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को दूसरे घर के रूप में विकसित किया गया था। वर्तमान संदर्भ: 27 अप्रैल 2026 को, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गांधी सागर में तीन चीता शावकों के जन्म की पुष्टि की, जो दूसरे पुनर्वास स्थल के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। प्रभाव: यह सफलता बहु-स्थल रणनीति की पुष्टि करती है, जो दीर्घकालिक आनुवंशिक विविधता सुनिश्चित करती है और स्थानीय विलुप्ति के जोखिम को कम करती है, साथ ही मालवा क्षेत्र में पर्यावरण-पर्यटन और संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देती है।
राष्ट्रीय ब्लू कार्बन इन्वेंटरी 2026 का विमोचन
2026-04-27
पृष्ठभूमि: मैंग्रोव और समुद्री घास जैसे 'ब्लू कार्बन' पारिस्थितिकी तंत्र स्थलीय वनों की तुलना में दस गुना अधिक कार्बन सोखते हैं। भारत अपने 'नेट जीरो' लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इस क्षमता को मापने पर काम कर रहा है। वर्तमान संदर्भ: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 26 अप्रैल 2026 को 'राष्ट्रीय ब्लू कार्बन इन्वेंटरी 2026' जारी की, जिसमें भारतीय तटरेखा के साथ 5,000 वर्ग किमी के उच्च-क्षमता वाले कार्बन सोखने वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है। प्रभाव: यह इन्वेंटरी भारत के कार्बन क्रेडिट बाजार के लिए एक वैज्ञानिक आधार प्रदान करती है और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ तटीय लचीलेपन को मजबूत करती है। यह 'मिष्टी' (MISHTI) योजना के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो तटीय बहाली परियोजनाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वित्त को सुगम बनाती है।
प्रसिद्ध लेखिका को प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी फेलोशिप से सम्मानित किया गया
2026-04-27
पृष्ठभूमि: साहित्य अकादमी फेलोशिप भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है, जो भारतीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए असाधारण योग्यता वाले लेखकों को प्रदान किया जाता है। यह आजीवन साहित्यिक उपलब्धि और गहन प्रभाव को मान्यता देता है। वर्तमान संदर्भ: 26 अप्रैल, 2026 को, प्रशंसित उपन्यासकार डॉ. अंजलि शर्मा को समकालीन हिंदी साहित्य पर उनके गहन प्रभाव के लिए साहित्य अकादमी फेलोशिप से सम्मानित किया गया। उनके कार्य अक्सर सामाजिक यथार्थवाद और मानवीय संबंधों को गहराई से दर्शाते हैं। प्रभाव: यह सम्मान न केवल डॉ. शर्मा की साहित्यिक क्षमता का जश्न मनाता है, बल्कि भारतीय भाषाओं की समृद्धि और विविधता को भी उजागर करता है। यह उभरते लेखकों को प्रेरित करता है और महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदानों पर राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करता है, जिससे सांस्कृतिक प्रशंसा बढ़ती है।
भारतीय पर्यावरणविद् को गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया
2026-04-27
पृष्ठभूमि: गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार, जिसे अक्सर "ग्रीन नोबेल" कहा जाता है, प्रतिवर्ष दुनिया के छह बसे हुए महाद्वीपीय क्षेत्रों में से प्रत्येक के जमीनी स्तर के पर्यावरण नायकों को प्रदान किया जाता है। यह पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियों को मान्यता देता है। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पर्यावरण कार्यकर्ता डॉ. रोहन मेहता को 25 अप्रैल, 2026 को ग्रामीण भारत में सतत जल प्रबंधन में उनके अग्रणी कार्य के लिए 2026 के गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार के प्राप्तकर्ता के रूप में घोषित किया गया। उनकी पहलों ने स्वच्छ पानी तक पहुंच में काफी सुधार किया है और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा दिया है। प्रभाव: यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान भारत के पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रयासों को वैश्विक पहचान दिलाता है। यह स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाता है, पारिस्थितिक संतुलन और संसाधन संरक्षण के लिए वकालत को मजबूत करता है, और दुनिया भर में समान पहलों को प्रेरित करता है।
भारत ने तीरंदाजी विश्व कप चरण 1 में स्वर्ण पदक जीता
2026-04-27
पृष्ठभूमि: तीरंदाजी विश्व कप 'वर्ल्ड आर्चरी' द्वारा आयोजित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सर्किट है। वर्तमान संदर्भ: 26 अप्रैल 2026 को, भारतीय रिकर्व टीम ने शंघाई, चीन में आयोजित विश्व कप चरण 1 में शीर्ष वरीयता प्राप्त दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। प्रभाव: यह जीत भारतीय तीरंदाजी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे आगामी एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप से पहले टीम का मनोबल बढ़ा है और खेल में भारत की वैश्विक रैंकिंग में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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