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रक्षा और सुरक्षा अपडेट: अग्नि-V परीक्षण, मारीच प्रेरण, VSHORAD मिसाइल

डीआरडीओ ने VSHORAD मिसाइल सिस्टम का सफल उड़ान परीक्षण किया
2026-04-26
पृष्ठभूमि: वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस (VSHORAD) मिसाइल प्रणाली अग्रिम क्षेत्रों में सैनिकों और संपत्तियों को कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों से तत्काल हवाई रक्षा कवर प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान संदर्भ: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मैन-पोर्टेबल एंटी-एयरक्राफ्ट गन (MPAA) आधारित VSHORAD मिसाइल सिस्टम का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया। परीक्षण ने सीकर, नियंत्रण और प्रणोदन क्षमताओं सहित सिस्टम के प्रदर्शन मापदंडों को मान्य किया। प्रभाव: इस सफल परीक्षण से भारतीय सेना की बहुत कम दूरी पर हवाई खतरों को बेअसर करने की क्षमता बढ़ती है, जिससे युद्धक्षेत्र की हवाई रक्षा में काफी सुधार होता है। VSHORAD का स्वदेशी विकास 'मेक इन इंडिया' पहल में योगदान देता है और आयातित प्रणालियों पर निर्भरता कम करता है।
सुंदरबन मैंग्रोव लचीलापन पहल का शुभारंभ
2026-04-26
पृष्ठभूमि: सुंदरबन, एक महत्वपूर्ण यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, जलवायु परिवर्तन, बढ़ते समुद्री स्तर और मानवीय अतिक्रमण से गंभीर खतरों का सामना कर रहा है, जिससे मैंग्रोव का क्षरण हो रहा है। ये अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र जैव विविधता, तटीय सुरक्षा और स्थानीय आजीविका के लिए महत्वपूर्ण हैं। पिछली संरक्षण पहलों के मिश्रित परिणाम रहे हैं, जिससे इन जटिल चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए एक अधिक एकीकृत दृष्टिकोण की आवश्यकता है। वर्तमान संदर्भ: 24 अप्रैल, 2026 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने "सुंदरबन मैंग्रोव लचीलापन पहल (SMRI)" का शुभारंभ किया। यह पांच वर्षीय परियोजना बड़े पैमाने पर मैंग्रोव वनीकरण, degraded क्षेत्रों की बहाली और स्थायी आजीविका कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। यह निगरानी और अनुकूली प्रबंधन रणनीतियों के लिए उन्नत रिमोट सेंसिंग प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करती है। प्रभाव: SMRI से सुंदरबन की पारिस्थितिक लचीलापन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे चरम मौसमी घटनाओं के खिलाफ इसकी प्राकृतिक रक्षा मजबूत होगी। यह जैव विविधता में सुधार करेगा, कार्बन को sequester करेगा और क्षेत्र के निवासियों के लिए स्थायी आर्थिक अवसर प्रदान करेगा। यह पहल एकीकृत तटीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है।
शहरी हरित स्थानों और जैव विविधता संरक्षण पर राष्ट्रीय नीति
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारत के तीव्र शहरीकरण के कारण शहरी हरित स्थानों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे वायु प्रदूषण, जैव विविधता का नुकसान और शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव बढ़ रहा है। शहरी हरियाली के लिए एक सुसंगत राष्ट्रीय ढांचे की कमी ने प्रभावी योजना और कार्यान्वयन में बाधा डाली है, जिससे शहर के निवासियों के जीवन की गुणवत्ता और पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित हुआ है। वर्तमान संदर्भ: 25 अप्रैल, 2026 को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, "शहरी हरित स्थानों और जैव विविधता संरक्षण पर राष्ट्रीय नीति" का शुभारंभ किया। यह ऐतिहासिक नीति शहरी विकास योजनाओं में विशिष्ट हरित आवरण प्रतिशत को अनिवार्य करती है, देशी पौधों की प्रजातियों को बढ़ावा देती है, और शहर की सीमाओं के भीतर शहरी वन, आर्द्रभूमि और जैव विविधता पार्क बनाने को प्रोत्साहित करती है। प्रभाव: यह नीति शहरी परिदृश्य को बदलने, वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करने, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और शहरी जैव विविधता को बढ़ाने के लिए तैयार है। यह स्वस्थ, अधिक रहने योग्य शहरों को बढ़ावा देगी, जो भारत के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। सफल कार्यान्वयन के लिए केंद्र, राज्य और स्थानीय शहरी निकायों के बीच मजबूत समन्वय के साथ-साथ जनभागीदारी की आवश्यकता है।
आईएनएस त्रिकंद ने बहुराष्ट्रीय अभ्यास कटलस एक्सप्रेस 2026 में भाग लिया
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारतीय नौसेना अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यासों में भाग लेती है। आईएनएस त्रिकंद भारतीय नौसेना का एक प्रमुख युद्धपोत है, जो उन्नत हथियार प्रणालियों और सेंसर से सुसज्जित है। वर्तमान संदर्भ: आईएनएस त्रिकंद ने हाल ही में पश्चिमी हिंद महासागर में आयोजित बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास 'कटलस एक्सप्रेस 2026' में भाग लिया। यह अभ्यास, जिसे अमेरिकी अफ्रीका कमांड द्वारा प्रायोजित किया गया था, में विभिन्न पूर्वी अफ्रीकी देशों, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की नौसेनाएं शामिल थीं। प्रभाव: इस अभ्यास का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा में सुधार करना, अवैध तस्करी, समुद्री डकैती और अवैध मछली पकड़ने का मुकाबला करना था, जिससे क्षेत्रीय समुद्री खतरों पर प्रतिक्रिया करने की सामूहिक क्षमता बढ़े और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सके।
विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2026 में भारत
2026-04-26
पृष्ठभूमि: विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप द्विवार्षिक आयोजन हैं जिनमें प्रतिष्ठित ट्रैक एंड फील्ड एथलीट इनडोर एरेना में प्रतिस्पर्धा करते हैं। भारत वैश्विक एथलेटिक्स आयोजनों में अपनी भागीदारी और प्रदर्शन बढ़ा रहा है। वर्तमान संदर्भ: भारत से 2026 विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप में एक दल भेजने की उम्मीद है। हालांकि विशिष्ट एथलीटों का चयन लंबित है, लेकिन उच्च-दांव वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाशाली भारतीय एथलीटों को अनुभव प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस भागीदारी का उद्देश्य भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों के बीच विकास को बढ़ावा देना और प्रतिस्पर्धी भावना को बढ़ाना है। प्रभाव: यह आयोजन भारतीय एथलीटों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करने, वैश्विक प्रतियोगियों के मुकाबले अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करने और संभावित रूप से व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ हासिल करने या भविष्य की प्रमुख प्रतियोगिताओं के लिए अर्हता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह एथलीटों के मनोबल को बढ़ाता है और भारत में खेल के बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करता है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियाई खेल 2023 में जीता रजत पदक
2026-04-26
पृष्ठभूमि: क्रिकेट भारत में एक प्रमुख खेल रहा है, जिसमें महिला टीम ने महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं। एशियाई खेलों में क्रिकेट को एक पदक खेल के रूप में शामिल किया गया है, जो क्षेत्रीय प्रभुत्व के लिए एक मंच प्रदान करता है। वर्तमान संदर्भ: चीन के हांग्जो में आयोजित 2023 एशियाई खेलों में, भारतीय महिला क्रिकेट टीम टी20 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची। उन्होंने मजबूत विरोधियों का सामना किया और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन दिखाया। अंततः, एक कड़े फाइनल मैच के बाद उन्होंने रजत पदक हासिल किया। प्रभाव: यह रजत पदक भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर टीम की बढ़ती क्षमता को उजागर करता है। यह भारत में खेल की लोकप्रियता को बढ़ाता है, अधिक युवा महिलाओं को क्रिकेट अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है, और टीम को भविष्य के टूर्नामेंटों में स्वर्ण पदक का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित करता है।
नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में जीता स्वर्ण पदक
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा भारत के एक सम्मानित एथलीट हैं, जो अपने ऐतिहासिक ओलंपिक स्वर्ण पदक के लिए जाने जाते हैं। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप विश्व स्तर पर ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों के लिए प्रमुख आयोजन है। वर्तमान संदर्भ: हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित 2023 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, नीरज चोपड़ा ने पुरुषों के भाला फेंक फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जिससे वह विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए। प्रभाव: चोपड़ा का स्वर्ण पदक भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि है, जो राष्ट्र के लिए अपार गौरव और पहचान लाता है। यह भारत में लाखों महत्वाकांक्षी एथलीटों को प्रेरित करता है, यह दर्शाता है कि समर्पण और कड़ी मेहनत से विश्व स्तरीय सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस जीत से भारत में एथलेटिक्स की प्रोफाइल और बढ़ती है और खेल के लिए अधिक समर्थन को प्रोत्साहित किया जाता है।
गुजरात में प्राचीन हड़प्पाकालीन बस्ती की खोज
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारत का पुरातात्विक परिदृश्य अपने प्राचीन अतीत, विशेषकर सिंधु घाटी सभ्यता के नए पहलुओं को लगातार उजागर कर रहा है। उन्नत सर्वेक्षण तकनीकें अज्ञात ऐतिहासिक स्थलों की पहचान के लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान संदर्भ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने हाल ही में गुजरात के कच्छ के पास एक महत्वपूर्ण हड़प्पाकालीन बस्ती की खोज की घोषणा की है। प्रारंभिक उत्खनन में परिपक्व हड़प्पा काल (2600-1900 ईसा पूर्व) के अच्छी तरह से संरक्षित मिट्टी के बर्तन, मुहरें और संरचनात्मक अवशेष मिले हैं, जो एक संपन्न शहरी केंद्र का संकेत देते हैं। यह स्थल व्यापार और संसाधन प्रबंधन के लिए एक रणनीतिक स्थान का सुझाव देता है। प्रभाव: यह खोज हड़प्पा सभ्यता के भौगोलिक विस्तार और सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह उनकी शहरी योजना, व्यापार नेटवर्क और सांस्कृतिक अंतःक्रियाओं में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करने का वादा करती है, जिससे भारत की ऐतिहासिक समझ समृद्ध होगी और क्षेत्र में विरासत पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
भारतीय पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण के लिए यूनेस्को समर्थित परियोजना
2026-04-26
पृष्ठभूमि: भारत प्राचीन पांडुलिपियों के एक अद्वितीय संग्रह का घर है, जिनमें से कई पर्यावरणीय क्षरण और क्षति के प्रति संवेदनशील हैं। इन अमूल्य सांस्कृतिक संपत्तियों को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने हेतु डिजिटल संरक्षण एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान संदर्भ: संस्कृति मंत्रालय ने यूनेस्को और राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के सहयोग से 60,000 से अधिक दुर्लभ भारतीय पांडुलिपियों को डिजिटल रूप से संरक्षित और सूचीबद्ध करने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। यह परियोजना एक व्यापक, सुलभ ऑनलाइन भंडार बनाने के लिए अत्याधुनिक स्कैनिंग तकनीक और मजबूत मेटाडेटा फ्रेमवर्क का उपयोग करती है। प्रभाव: यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करेगी, इसे विद्वानों, शोधकर्ताओं और जनता के लिए विश्व स्तर पर सुलभ बनाएगी। यह भारत के अतीत में गहन अकादमिक जांच को बढ़ावा देगा, अंतःविषय अध्ययनों को सुविधाजनक बनाएगा और सांस्कृतिक संरक्षण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा, जिससे इन अमूल्य खजानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026
2026-04-26
पृष्ठभूमि: विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा वर्ष 2000 में स्थापित, इस दिवस का उद्देश्य यह जागरूकता बढ़ाना है कि पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क दैनिक जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं। वर्तमान संदर्भ: 26 अप्रैल 2026 को, वैश्विक समुदाय 'बौद्धिक संपदा और सतत विकास लक्ष्य' विषय के साथ यह दिवस मना रहा है, जो एक स्थायी भविष्य प्राप्त करने में नवाचार की भूमिका पर जोर देता है। प्रभाव: यह आयोजन अन्वेषकों के लिए रचनात्मकता और कानूनी सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देता है, अनुसंधान और विकास में निवेश को प्रोत्साहित करता है और यह सुनिश्चित करता है कि रचनाकारों को उनके योगदान के लिए उचित पहचान और आर्थिक लाभ मिले।
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