1.
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय के बाद, विलय की गई इकाई आम तौर पर एक नए नाम और ब्रांडिंग के तहत काम करती है। भारत में कौन सा नियामक निकाय ऐसी विलय की गई संस्थाओं के नाम परिवर्तन और ब्रांडिंग को मंजूरी देता है?
2.
यदि 2025 में दो बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के बीच विलय को अंतिम रूप दिया जाता है, तो ऐसे समेकन के लिए आमतौर पर उद्धृत प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
3.
2025 की शुरुआत में भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास में, किन दो प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के रणनीतिक विलय के लिए उन्नत बातचीत में होने की सूचना मिली थी?
4.
आरबीआई के नए डिजिटल लेंडिंग ढांचे के तहत, ऋण खाता बंद होने के बाद एक डिजिटल लेंडिंग ऐप (डीएलए) को उधारकर्ता डेटा को कितने न्यूनतम कार्यकाल के लिए बनाए रखना चाहिए?
5.
डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए आरबीआई के नए ढांचे 'वन-फिट-ऑल' के सिद्धांत पर जोर देते हैं। यह सिद्धांत मुख्य रूप से क्या हासिल करने का लक्ष्य रखता है?
6.
2024 में आरबीआई द्वारा अनावरण किए गए डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लिए नए ढांचे के अनुसार, डिजिटल लेंडिंग ऐप (डीएलए) के लिए निम्नलिखित में से कौन सी एक अनिवार्य आवश्यकता नहीं है?