जलवायु वित्त के लिए नए दीर्घकालिक सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य का नाम क्या है, जिसे 2025 तक स्थापित किए जाने की उम्मीद है, और जो COP31 तक की चर्चाओं में एक प्रमुख एजेंडा मद है?
A ग्लोबल स्टॉकटेक (GST)
B अनुकूलन कोष (AF)
C हानि और क्षति कोष (LDF)
D नया सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (NCQG)
उत्तर: D
जलवायु वित्त पर नया सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (NCQG) 2025 से 100 बिलियन डॉलर के लक्ष्य को प्रतिस्थापित या सफल करने के लिए है। इसके दायरे, पैमाने और संरचना पर चर्चा अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं का केंद्र बिंदु है, जिसमें COP31 तक की चर्चाएं भी शामिल हैं।
162.
2026 में COP31 से पहले, प्रमुख विकसित देशों ने विकासशील देशों के लिए किस प्रारंभिक वार्षिक जलवायु वित्त लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसे मूल रूप से 2020 के लिए निर्धारित किया गया था?
A 50 बिलियन डॉलर
B 100 बिलियन डॉलर
C 200 बिलियन डॉलर
D 500 बिलियन डॉलर
उत्तर: B
विकसित देशों ने विकासशील देशों में जलवायु कार्रवाई के लिए 2020 तक प्रति वर्ष 100 बिलियन डॉलर जुटाने के लिए संयुक्त रूप से प्रतिबद्धता जताई थी। हालांकि यह अक्सर समय पर पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ, यह लक्ष्य एक बेंचमार्क बना हुआ है, और इसकी पूर्ति तथा भविष्य के लक्ष्य COP31 से पहले प्रमुख चर्चा बिंदु हैं।
163.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार का सबसे विवादास्पद पहलुओं में से एक, जिसे भारत और कई अन्य राष्ट्र संबोधित करना चाहते हैं, किससे संबंधित है?
A पी5 सदस्यों द्वारा धारित वीटो शक्ति।
B शांति स्थापना मिशनों के लिए बजट आवंटन।
C महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया।
D वार्षिक महासभा सत्रों की संख्या।
उत्तर: A
पांच स्थायी सदस्यों (पी5) द्वारा प्रयोग की जाने वाली वीटो शक्ति को व्यापक रूप से अप्रचलित और अलोकतांत्रिक माना जाता है, जो अक्सर परिषद की कार्रवाई करने की क्षमता को पंगु बना देती है। इसे सुधारना या समाप्त करना भारत सहित कई राष्ट्रों की एक प्रमुख मांग है, जो अधिक न्यायसंगत और प्रभावी सुरक्षा परिषद चाहते हैं।
164.
समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को दर्शाते हुए, भारत सहित राष्ट्रों का कौन सा समूह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों के विस्तार की सामूहिक रूप से वकालत करता है?
A जी7
B ब्रिक्स
C जी4
D क्वाड
उत्तर: C
जी4 समूह में भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान शामिल हैं। ये चारों देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीटों के लिए एक-दूसरे की बोली का पारस्परिक रूप से समर्थन करते हैं और स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में इसके विस्तार की वकालत करते हैं।
165.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधारों के लिए भारत के लंबे समय से चले आ रहे प्रयास का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
A वीटो शक्ति के साथ स्थायी सदस्यता प्राप्त करना।
B सभी मौजूदा स्थायी सदस्यों के लिए वीटो शक्ति को समाप्त करना।
C केवल अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाना।
D सुरक्षा परिषद के सदस्यों की कुल संख्या कम करना।
उत्तर: A
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों के लिए भारत के प्रयास का प्राथमिक उद्देश्य अपनी बढ़ती वैश्विक स्थिति और प्रभाव को दर्शाने के लिए स्थायी सीट प्राप्त करना है, आदर्श रूप से वीटो शक्ति के साथ। यह जी4 देशों की एक प्रमुख मांग है।
166.
'आयुष्मान भव' अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके चरणबद्ध दृष्टिकोण का प्राथमिक लक्ष्य क्या है?
A स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट आवंटन को धीरे-धीरे बढ़ाना।
B प्रत्येक चरण में सेवा वितरण की प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन सुनिश्चित करना।
C नई स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए समय देना।
D पहले शहरी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना और फिर ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार करना।
उत्तर: B
चरणबद्ध कार्यान्वयन बेहतर योजना, निष्पादन और महत्वपूर्ण रूप से, अभियान की प्रगति और प्रभाव की निरंतर निगरानी और मूल्यांकन की अनुमति देता है, यह सुनिश्चित करता है कि सेवाएं इच्छित लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।
167.
निम्नलिखित में से कौन सा घटक व्यापक स्वास्थ्य सेवा वितरण के लिए 'आयुष्मान भव' अभियान के दृष्टिकोण से सामान्यतः जुड़ा हुआ नहीं है?
A आयुष्मान अपनी स्वास्थ्य अपनी द्वार (आयुष्मान आपका स्वास्थ्य आपका द्वार)
B आयुष्मान ग्राम पंचायत (आयुष्मान ग्राम पंचायत)
C आयुष्मान सभा (आयुष्मान ग्राम सभा)
D आयुष्मान डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड (आयुष्मान डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड)
उत्तर: D
'आयुष्मान भव' अभियान आयुष्मान अपनी स्वास्थ्य अपनी द्वार, आयुष्मान ग्राम पंचायत और आयुष्मान सभा जैसे घटकों के माध्यम से सामुदायिक आउटरीच और सेवा वितरण पर केंद्रित है। जबकि डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड स्वास्थ्य सेवा के लिए महत्वपूर्ण हैं, वे इस विशिष्ट अभियान की आउटरीच रणनीति के प्रत्यक्ष परिचालन घटक नहीं हैं।
168.
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए 'आयुष्मान भव' अभियान का उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन सा लक्ष्य प्राप्त करना है?
A सभी नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खातों (ABHA) तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करना।
B अंतिम छोर तक सभी आयुष्मान भारत-पात्र लाभार्थियों और स्वास्थ्य सेवाओं का संतृप्ति सुनिश्चित करना।
C ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में टेलीमेडिसिन सेवाओं को बढ़ावा देना।
D पूरे देश में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (AB-HWCs) की संख्या बढ़ाना।
उत्तर: B
'आयुष्मान भव' अभियान आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (AB-HWCs) के तहत सभी सेवाओं और लाभों को सभी इच्छित लाभार्थियों तक, विशेष रूप से अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए एक व्यापक, मिशन-मोड अभियान है।
169.
पर्यटन मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से, अक्सर भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक फिल्म शूटिंग गंतव्य के रूप में बढ़ावा देता है। 2026 तक इस संयुक्त प्रचार का एक प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन सा है?
A भारतीय फिल्मों के निर्यात को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बढ़ाना।
B विदेशी फिल्म निर्माणों को भारत में शूटिंग के लिए आकर्षित करना, इसकी विविध परिदृश्यों और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना।
C भारत में निर्मित फिल्मों की सामग्री को विनियमित करना।
D संघर्षरत भारतीय फिल्म निर्माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
उत्तर: B
अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत को एक फिल्म शूटिंग गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने का एक प्राथमिक उद्देश्य विदेशी फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करना है। यह न केवल विदेशी निवेश लाता है बल्कि भारत की विविध भौगोलिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक दर्शकों के सामने भी प्रदर्शित करता है, जिससे फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।
170.
केंद्र सरकार के अलावा, भारत में सरकार का कौन सा स्तर 2026 तक अपने संबंधित क्षेत्रों में फिल्म निर्माण को आकर्षित करने और फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से विशिष्ट नीतियां और प्रोत्साहन पेश कर रहा है?
A नगर निगम।
B जिला प्रशासन।
C राज्य सरकारें।
D ग्राम पंचायतें।
उत्तर: C
भारत में कई राज्य सरकारों (जैसे उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर) ने अपनी स्वयं की फिल्म नीतियां तैयार की हैं, जो फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए सब्सिडी, कर प्रोत्साहन और सुव्यवस्थित अनुमतियां प्रदान करती हैं, जो बदले में उनके राज्यों के भीतर शूटिंग स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देती हैं।