2026 तक किस डिजिटल भुगतान प्रणाली ने ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन और लेनदेन की मात्रा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा दिया है, जिससे तत्काल, वास्तविक समय के भुगतान सक्षम हुए हैं?
A रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS)
B नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT)
C यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)
D चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS)
उत्तर: C
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भारत में डिजिटल भुगतानों में क्रांति ला दी है, जो मोबाइल फोन के माध्यम से तत्काल, वास्तविक समय के लेनदेन की पेशकश करता है, जिससे यह शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अत्यधिक सुलभ और लोकप्रिय हो गया है, इस प्रकार वित्तीय समावेशन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिला है।
2342.
2026 तक, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में 'बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स' (BCs) मुख्य रूप से क्या भूमिका निभाते हैं?
A वे पारंपरिक बैंकों को दरकिनार करते हुए सीधे ऋणदाता के रूप में कार्य करते हैं।
B वे बैंकों की ओर से अंतिम-मील बैंकिंग सेवाएं प्रदान करते हैं, जिसमें खाता खोलना और लेनदेन शामिल हैं।
C वे ग्रामीण क्षेत्रों में आरबीआई की मौद्रिक नीति निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार हैं।
D वे विशेष रूप से बैंकिंग सेवाओं के बिना बीमा उत्पाद प्रदान करते हैं।
उत्तर: B
बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स (BCs) वित्तीय समावेशन के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो बैंकों के एजेंट के रूप में बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करते हैं, जिसमें खाता खोलना, जमा, निकासी और प्रेषण शामिल हैं, विशेष रूप से बिना बैंक वाले और कम बैंक वाले ग्रामीण क्षेत्रों में।
2343.
कौन सी सरकारी योजना, जो 2026 तक ग्रामीण वित्तीय पहुंच में वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है, बैंकिंग सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने पर केंद्रित है?
A प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
B प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)
C प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)
D प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
उत्तर: B
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), जिसे 2014 में शुरू किया गया था, वित्तीय समावेशन के लिए एक राष्ट्रीय मिशन है, जो विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग, बचत, ऋण, बीमा और पेंशन जैसी वित्तीय सेवाओं तक सस्ती पहुंच सुनिश्चित करता है।
2344.
आरबीआई के डिजिटल ऋण दिशानिर्देशों के तहत, 2026 तक, ऋण सेवा प्रदाताओं (LSPs) को किसी भी शुल्क या प्रभार का भुगतान करने के लिए मुख्य रूप से कौन जिम्मेदार है?
A उधारकर्ता सीधे LSP को भुगतान करता है।
B विनियमित इकाई (RE) LSP को भुगतान करती है।
C सरकार LSP शुल्क को सब्सिडी देती है।
D LSPs को कोई शुल्क लेने से प्रतिबंधित किया गया है।
उत्तर: B
आरबीआई के दिशानिर्देश स्पष्ट करते हैं कि ऋण सेवा प्रदाताओं (LSPs) को देय शुल्क/प्रभार विनियमित इकाई (RE) द्वारा भुगतान किए जाने चाहिए, न कि सीधे उधारकर्ता द्वारा।
2345.
2026 तक आरबीआई के दिशानिर्देशों के तहत संचालित डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म को ऋण निष्पादन से पहले उधारकर्ताओं को कौन सा अनिवार्य दस्तावेज प्रदान करना होगा?
A प्लेटफॉर्म का एक विस्तृत विपणन ब्रोशर।
B सभी आवश्यक ऋण शर्तों वाला एक 'मुख्य तथ्य विवरण' (KFS)।
C प्लेटफॉर्म के सभी पिछले उधारकर्ताओं की सूची।
D अन्य बैंकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र।
उत्तर: B
आरबीआई के दिशानिर्देश स्पष्ट रूप से विनियमित संस्थाओं (REs) को ऋण अनुबंध के निष्पादन से पहले उधारकर्ता को एक 'मुख्य तथ्य विवरण' (KFS) प्रदान करने की आवश्यकता है, जिसमें सभी नियम और शर्तें पारदर्शी रूप से विस्तृत हों।
2346.
आरबीआई के डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म के दिशानिर्देशों के अनुसार, जो 2026 तक प्रभावी हैं, ऋण वितरण और पुनर्भुगतान कैसे निष्पादित किया जाना चाहिए?
A ऋण सेवा प्रदाता (LSP) द्वारा प्रबंधित एक पूल खाते के माध्यम से।
B उधारकर्ता और विनियमित इकाई (RE) के बीच सीधे, LSP के किसी भी पास-थ्रू के बिना।
C RE से जुड़े न होने वाले तीसरे पक्ष के एस्क्रो खाते के माध्यम से।
D नकद में, सीधे LSP से उधारकर्ता को।
उत्तर: B
आरबीआई अनिवार्य करता है कि सभी ऋण वितरण और पुनर्भुगतान केवल उधारकर्ता और विनियमित इकाई (RE) के बीच सीधे निष्पादित किए जाने चाहिए, जिसमें ऋण सेवा प्रदाता (LSP) का कोई पास-थ्रू या पूल खाता शामिल न हो।
2347.
2026 तक बैंकों में साइबर सुरक्षा की बोर्ड-स्तरीय निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई के साइबर सुरक्षा ढांचे द्वारा निम्नलिखित में से कौन सी भूमिका स्पष्ट रूप से अनिवार्य की गई है?
A मुख्य विपणन अधिकारी (CMO)
B मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO)
C मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO)
D मुख्य परिचालन अधिकारी (COO)
उत्तर: C
आरबीआई एक मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) की नियुक्ति अनिवार्य करता है जो सीधे सीईओ/बोर्ड/बोर्ड की ऑडिट समिति को रिपोर्ट करता है, जिससे साइबर सुरक्षा के लिए उच्च-स्तरीय निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
2348.
आरबीआई के साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार, 2026 तक तीसरे पक्ष के सेवा प्रदाताओं के संबंध में बैंकों के लिए निम्नलिखित में से कौन सी एक अनिवार्य आवश्यकता है?
A बैंकों को आईटी संचालन के लिए किसी भी तीसरे पक्ष के सेवा प्रदाताओं का उपयोग पूरी तरह से टालना चाहिए।
B बैंकों को अपने तीसरे पक्ष के विक्रेताओं पर नियमित सुरक्षा ऑडिट और उचित परिश्रम करना आवश्यक है।
C तीसरे पक्ष के सेवा प्रदाता विशेष रूप से सरकारी स्वामित्व वाली संस्थाएं होनी चाहिए।
D बैंक तीसरे पक्ष के विक्रेताओं से उत्पन्न होने वाली साइबर घटनाओं के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं, जिसमें विक्रेता पर कोई दायित्व नहीं है।
उत्तर: B
आरबीआई का ढांचा तीसरे पक्ष के जोखिमों के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जोर देता है, बैंकों को उचित परिश्रम, सुरक्षा ऑडिट करने और अपने विक्रेताओं के साथ साइबर सुरक्षा के लिए संविदात्मक दायित्वों को सुनिश्चित करने का आदेश देता है।
2349.
2026 तक विशेष रूप से प्रासंगिक, बैंकों के लिए आरबीआई के उन्नत साइबर सुरक्षा ढांचे का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
A स्वामित्व वाले भारतीय साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर के विशेष उपयोग को अनिवार्य करना।
B मजबूत साइबर लचीलापन और प्रभावी घटना प्रतिक्रिया तंत्र सुनिश्चित करना।
C सभी बैंक डेटा को एक ही आरबीआई-प्रबंधित सर्वर पर केंद्रीकृत करना।
D बैंकों में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों (CISOs) की आवश्यकता को समाप्त करना।
उत्तर: B
आरबीआई का ढांचा लगातार साइबर लचीलापन बनाने पर जोर देता है, जिसमें सक्रिय उपाय, पहचान और साइबर घटनाओं के लिए कुशल प्रतिक्रिया शामिल है, जो 2026 तक विकसित हो रहे खतरों को देखते हुए एक महत्वपूर्ण पहलू है।
2350.
ग्रीन जॉब्स पहल भारत की किन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है?
A मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
B 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन
C बेसल कन्वेंशन
D क्योटो प्रोटोकॉल
उत्तर: B
ग्रीन जॉब्स पहल 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक मानव पूंजी बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।